Manav Adhikar Surksha Sangh(MASS)
उद्देश्य एवं कार्यक्रम
अगर आपके मन में व्यक्तिगत, क्षेत्रीय व राष्ट्रीय विकास की भावना है तथा शोषण व भ्रष्टाचार के उन्मूलन का ईरादा है तो आईये, मिलकर कदम बढ़ाएं। MASS Family में आपका स्वागत है।
सम्पर्क हेतु :-
E-Mail: massandesh@gmail.com
Cell.No. : o 94 165 57 786
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संस्था के उद्देश्य
1. राष्ट्रीय एकता, आत्म एवं सामुदायिक विकास और आपसी सद्भाव जैसे मूल्यों का विकास करना तथा उनके प्रचार-प्रसार में सहयोग देना।
2. राष्ट्रीय विकास और समाज सेवा के कार्यक्रमों के संचालन में सहयोग करना। जैसे -महिला शिक्षा, सड़क निर्माण, निरक्षरता उन्मूलन, महिला समानता आदि।
3. खेती-बाड़ी एवं उससे जुड़े धंधों से अधिक आय पाने के तरीकों का प्रचार करना तथा आधुनिक कृषि तकनीकों से जनता को परीचित करवाना।
4. खाली समय के सदुपयोग के लिए बच्चों व नौजवानों हेतु सृजनात्मक कार्यक्रम संचालित करना।
(a) खेल-कूद और सांस्कृतिक कार्यक्रम।
(b) साहसिक प्रवृति के विकास के कार्य।
(c) आर्थिक व सामाजिक कौशल विकास के कार्यक्रम।
5. स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों क आयोजन करना एवं असहाय तथा ग़रीबों को स्वास्थ्य सम्बन्धी सेवाएँ नि:शुल्क या अल्पशुल्क के आधार पर प्रदान करवाने हेतु कदम उठाना. मोबाईल स्वास्थ्य वैनें तथा अस्पताल आदि स्थापित करना।
6. विभिन्न प्रचार माध्यमों द्वारा यौन रोगों, एड्स तथा हेपेटाईटिस जैसे रोगों से बचाव के लिए जागरूकता मुहीम चलाना. परिवार कल्याण एवं टीकाकरण जैसे कार्यक्रमों के सञ्चालन में सहयोग प्रदान करना।
7. सामाजिक कुरीतियों जैसे दहेज़ प्रथा, स्त्री-पुरुष असमानता, नशा, बालविवाह तथा बालश्रम आदि के उन्मूलन हेतु कार्यक्रमों का आयोजन।
8. साम्प्रदायिक सद्भावना को बढ़ावा देना।
9. युवाओं को उनके स्वयं के विकास हेतु संचालित आर्थिक कार्यक्रमों के तहत स्वरोजगार योजनाओं से लाभान्वित व आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास करना।
10. विभिन्न क्षेत्रों में विशेष योगदान देने वाली प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना।
11. सूचना, शिक्षा एवं मनोरंजन हेतु विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करना।
12. अनाथालय, वृद्धाश्रम और शिक्षण संस्थाएं स्थापित करना।
13. जनहित हेतु किये वैज्ञानिक आविष्कारों तथा आविष्कारकों को प्रोत्साहन देना।
14. विभिन्न पुस्कालयों, वाचनालयों व साहित्यिक संस्थाओं की स्थापना करना।
15. लोगों को सिर्फ उनके अधिकारों के ही नहीं, बल्कि कर्त्तव्यों के प्रति भी सचेत करने में सहयोग देना।
16. जनजागृति हेतु फोल्डर्स व पत्र-पत्रिकाओं आदि का प्रकाशन करना तथा वाल पेंटिंग, होर्डिंग व बैनरों आदि की मदद से विभिन्न जन जागृति अभियानों में सहयोग देना।
17. सार्वजनिक सम्पत्ति का रखरखाव आदि।
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कार्यक्रमों की सूची
1. व्यक्तिगत एवं सामूहिक आर्थिक परियोजनाएं :-
(अ) व्यक्तिगत : सब्जी उगाना, फल उगाना, फल संरक्षण, पशु पालन, डेरी, मधुमक्खी पालन, रेशम के कीड़े पलना, कपड़ा उद्योग, साबुन बनाना, दर्जीगिरी, बुटीक चलाना, विभिन्न आर्थिक योजनायें तैयार कर स्वरोजगार के रास्ते प्रशस्त करना, लघु उद्योग लगाना आदि।
(ब) सामूहिक : "मानव अधिकार सुरक्षा संघ" अपनी "मास सहकारी समिति" बना सकता है, जो की विशेषतौर पर बेरोजगार युवाओं के लिए रोज़गार देने में सहायक होगी, अनौपचारिक शिक्षा के कार्यक्रम, निर्माण कार्य, वृक्षारोपण, संघ को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सामूहिक रूप से ली गयीं परियोजनाएं, युवा मेले, बाल एवं वृद्ध मेले जहाँ मनोरंजन के साथ-साथ उनकी स्वास्थ्य जांच भी हो।
2. अनौपचारिक शिक्षा :
जनशिक्षा अभियान, प्रौढ़ शिक्षा, कोचिंग कक्षाएं, वाचनालय/पुस्तकालय, संगोष्ठी, सम्मलेन, बालवाड़ी सञ्चालन, युवा शिविर, कौशल विकास के शिविर, शैक्षिक भ्रमण, महिला जागृति, महिला समानता, महिलाओं, बच्चों, मजदूरों व अल्पसंख्यकों के क़ानूनी अधिकारों के प्रति जागृति. सूचना प्रोद्यौगिकी तथा कम्प्यूटर शिक्षा आदि।
3. खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्य :
(अ) खेलकूद : नियमित खेलकूद, विभिन्न प्रतियोगिताएं, कोचिंग कैम्प, बाल और युवा मेले, खेलकूद के सामान व मैदान का प्रबंध और रख-रखाव, पिकनिक आदि।
(ब) सांस्कृतिक कार्य : जनजागरण हेतु नाटक, लोकगीत, लोकनृत्य, वृत्तचित्र तथा फिल्म निर्माण, प्रशिक्षण कार्यशालाएं, सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं, सभी मुख्य धार्मिक व राष्ट्रीय पर्वों को "मानव अधिकार सुरक्षा संघ" के सभी सदस्य, पदाधिकारी और संघ द्वारा आमंत्रित मेहमानों द्वारा एक साथ मनाना. मानव अधिकार दिवस, विश्व स्वास्थ्य दिवस, पर्यावरण दिवस एवं एड्स दिवस आदि पर विशेष आयोजन करना।
4. विकास कार्यों में भागेदारी :
स्वच्छता एवं सफाई अभियान, बच्चों के विद्यालयों में प्रवेश हेतु सहयोग, सम्पर्क मार्ग निर्माण, प्रतिरक्षण अभियान, परिवार कल्याण, जनसँख्या शिक्षा, ऋण वसूली में सहयोग, स्थानीय योजनाओं के प्रति जानकारी एवं चेतना उत्पन्न करना।
5. सामाजिक कुरीतियों का उन्मूलन :
जुआ, नशीली दवाओं के सेवन, धुम्रपान, दहेज़ प्रथा एवं शोषण आदि का उन्मूलन करने हेतु भरसक प्रयास करना।
6. पर्यावरण संरक्षण :
वृक्षारोपण, पेड़ों की सुरक्षा, धुआं रहित चूल्हे व सोलर कुकर का प्रसार, वातावरण की सफाई, उन्नत शौचालय, स्वच्छ पेयजल व्यवस्था, लघु उद्योगों को प्रोत्साहन और ख़राब परिवहनों पर नियंत्रण आदि।
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राष्ट्रीय संगठन
"मानव अधिकार सुरक्षा संघ" यानि "मास" एक राष्ट्रीय संगठन के रूप में मान्य है। प्रदेश, ज़िला व उपमंडलीय स्तरों पर इसकी इकाईयों का गठन किया जा रहा है।
नियमों तथा विनियमों की विस्तृत जानकारी "मास" से सम्बन्धित लोगों से या इसकी बैठकों में आकर प्राप्त की जा सकती है।
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पत्रिका प्रकाशन
संघ अच्छे स्तर की पत्रिका निकालने के बारे में योजना बना रहा है, जिसके लिए लेखन व रिपोर्टिंग के इच्छुक लोग ऊपर दिए ई-मेल या सेल नंबर पर सम्पर्क करें। धन्यवाद !
Thursday, May 27, 2010
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jnaab maanvaddhikaar mamalon ke snrkshn ke liyen hm bhi hyumn releaf sosciety ke zriye kota or rajsthana men 1992 se kaam kr rhe hen zyaada kuchh to smjh nhin he lekin fir bhi is kaary men hmari koi bhi mdd ho to pliz hme isme shamil kr upkar zrur lijiyegaa . akhtar khan akela kota rajsthan akhtarkhanakela.blogspot.com
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